हाथ जोड़ कर विनम्र निवेदन हैं आप जहाँ भी हैं वही घर के अंदर रुके यदि आप पैदल या किसी भी माध्यम से अपने घरों में पहुंचेगे तो संभवतः आप कोरोना को भारत के विभिन्न गाँवो तक ले जायेगे, और फिर इसके बाद के दृश्य का अनुमान आप स्वयं लगा लीजिये फिर आप शहरों को ओर भागेगे क्योकि गाँवो की स्वास्थ्य सुविधाओं से आप सभी परिचित हैं, संकट की इस घड़ी राष्ट्र को घरों में रुक कर बचा लीजिये अन्यथा आपके पलायन से उत्पन्न परिस्थितियां आपको कभी माफ नही करेंगी, आशा करता हूँ की आप इतने तो समझदार और जिम्मेदार तो होंगे ही... ✍️Ravi Prakash Azad✍️