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मुझमें अभी तक,,,
तेरी रूह समायी है,...!!
सारा जग मेरे साथ,,
फिर भी क्यों तन्हाई है ।।
सितारों से उसकी मांग,,
सजाने का जब सपना जगा था,
हाथ मेरे कलम करने को,,
कोई अपना ही लगा था..।।
किसी तरह उस गुलाबी,,
रंगत वाली को पाना था,..
आखिरी कदम पर बिछड़,,
जाना एक फ़साना था..।।
सच्चे प्यार में ही,,,
ईश्वर दिख गया था,...!!
ख़ुशी मेरी सारी,,,
उसके नाम लिख गया था..।।
💙•-•🟡•-•💙•-•🟡•-•💙•-•🟡•-•💙
मुझमें अभी तक,,,
तेरी रूह समायी है,...!!
सारा जग मेरे साथ,,
फिर भी क्यों तन्हाई है ।।
सितारों से उसकी मांग,,
सजाने का जब सपना जगा था,
हाथ मेरे कलम करने को,,
कोई अपना ही लगा था..।।
किसी तरह उस गुलाबी,,
रंगत वाली को पाना था,..
आखिरी कदम पर बिछड़,,
जाना एक फ़साना था..।।
सच्चे प्यार में ही,,,
ईश्वर दिख गया था,...!!
ख़ुशी मेरी सारी,,,
उसके नाम लिख गया था..।।
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