🌷 शायरी 🌷

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हज़ारों ना-मुकम्मल हसरतों के बोझ तले,
ऐ दिल, तेरी हिम्मत है जो तू धड़कता है...💟 🥀
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Индия, Хинди
Категория
Лингвистика


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03.01.2020 03:04
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लक्ष्य कोई “ बड़ा ” नही . . .
हारा वही जो “ लड़ा ” नही ।
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#गुलज़ार साहब🌷🌷

ख़ुशबू जैसे लोग मिले अफ़्साने में
एक पुराना ख़त खोला अनजाने में

शाम के साए बालिश्तों से नापे हैं
चाँद ने कितनी देर लगा दी आने में

रात गुज़रते शायद थोड़ा वक़्त लगे
धूप उन्डेलो थोड़ी सी पैमाने में

जाने किस का ज़िक्र है इस अफ़्साने में
दर्द मज़े लेता है जो दोहराने में

दिल पर दस्तक देने कौन आ निकला है
किस की आहट सुनता हूँ वीराने में

हम इस मोड़ से उठ कर अगले मोड़ चले
उन को शायद उम्र लगेगी आने में....
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कोई चेहरा मिटा के
और आंख से हटा के
चंद छींटें उड़ा के जो गया
छपाक से पहचान ले गया
एक चेहरा गिरा
जैसे मोहरा गिरा
जैसे धूप को ग्रहण लग गया
छपाक से पहचान ले गया

ना चाह न चाहत कोई
ना कोई ऐसा वादा है
हा

ना चाह न चाहत कोई
ना कोई ऐसा वादा है
हाथ में अंधेरा
और आंख में इरादा

कोई चेहरा मिटा के
और आंख से हटा के
हिन्दी ट्रैक्स डॉट इन
चंद छींटें उड़ा के जो गया
छपाक से पहचान ले गया

एक चेहरा गिरा
जैसे मोहरा गिरा
जैसे धूप को ग्रहण लग गया
छपाक से पहचान ले गया

बेमानी सा जुनून था
बिन आग के धुआं
बेमानी सा जुनून था
बिन आग के धुआं
ना होश ना ख्याल
सोच अंधा कौन

कोई चेहरा मिटा के
और आंख से हटा के
चंद छींटें उड़ा के जो गया
छपाक से पहचान ले गया

एक चेहरा गिरा
जैसे मोहरा गिरा
जैसे धूप को ग्रहण लग गया
छपाक से पहचान ले गया

आरज़ू थी शौक थे
वो सारे हट गए
कितने सारे जीने के तागे कट गए
आरज़ू थी शौक थे
वो सारे हट गए
कितने सारे जीने के तागे कट गए

सब झुलस गया

कोई चेहरा मिटा के

एक चेहरा गिरा
जैसे मोहरा गिरा
जैसे धूप को ग्रहण लग गया
छपाक से पहचान ले गया
छपाक से पहचान ले गया

पहचान ले गया
पहचान ले गया.....
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#गुलज़ार_साहब🌷🌷

दिन कुछ ऐसे गुज़ारता है कोई
जैसे एहसाँ उतारता है कोई

दिल में कुछ यूँ सँभालता हूँ ग़म
जैसे ज़ेवर सँभालता है कोई

आइना देख कर तसल्ली हुई
हम को इस घर में जानता है कोई

पेड़ पर पक गया है फल शायद
फिर से पत्थर उछालता है कोई

देर से गूँजते हैं सन्नाटे
जैसे हम को पुकारता है कोई
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🌷 शायरी 🌷 30 Dec 2019, 02:57
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🌷 शायरी 🌷 30 Dec 2019, 02:55
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🌷 शायरी 🌷 29 Dec 2019, 13:13
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🌷 शायरी 🌷 29 Dec 2019, 12:55
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🌷 शायरी 🌷 23 Nov 2019, 01:20
तुम्हारा एक पल साथ खरीदने के लिए...
थोड़ी-थोड़ी ज़िन्दगी रोज़ बेचते हैं हम...
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