मेरे सब्र से तुम अभी वाकिफ़ ही कहा हो, मैं मस्ती में रहूं ,तो मिट्टी से भी खेल लूं...
और परिस्थिति में आ जाऊँ तो चाँद को भी नजरअंदाज कर दूँ....!💯⚠️❤️🔥🦅
और परिस्थिति में आ जाऊँ तो चाँद को भी नजरअंदाज कर दूँ....!💯⚠️❤️🔥🦅